शुक्रवार, 24 मार्च 2017

कम्प्युटर - संरचना

कम्प्युटर कई तरह के कलपुर्जों, अर्थात Hardware एवं प्रक्रिया सामग्री अर्थात Software के परस्पर समन्वयन से बनता है| सारे कल-पुर्जे (Hardwares) आपस में, एक-दुसरे से जुड़ कर कम्प्युटर का ढांचा तैयार करते हैं, और प्रकिया सामग्री (Softwares) हर पुर्जों से उनके लिए निर्दिष्ट कार्य करवाती है|


कम्प्युटर बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले प्रमुख कल-पुर्जे (Hardwares) इस प्रकार है :-

१) केन्द्रीय प्रचालन तंत्र (CPU -Central Processing Unit, Processor): 


इसे माईक्रोप्रोसेसर भी कहते हैं, यह कम्प्युटर का प्रमुख अंग होता है| माईक्रोप्रोसेसर में ही उपयोगकर्ता द्वारा निर्दिष्ट सभी निर्देशों पर कार्य किया जाता है, प्रोसेसर के तीन मुख्य खंड होते हैं, CU-कंट्रोल युनिट, ALU- अरिथमटिक एंड लोगिकल युनिट, तथा MU- मेमोरी युनिट| कंट्रोल युनिट सारी प्रक्रिया पर नियंत्रण रखता है तथा दिए गए निर्देशों के आधार पर कार्य को ALU या MU को वितरित करता है, तत्पश्चात उनके द्वारा दिए परिणाम को आगे भेजता है| इसे कम्प्युटर का मष्तिष्क भी कहा जाता है| इनकी कार्य-क्षमता किलोहर्ट्ज़, मेगाहर्ट्ज़ तथा गिगाहर्ट्ज़ आदी में नापी जाती है|

प्रोसेसर की कार्य-प्रणाली को बिट के आधार पर आँका जाता है, जैसे की ८-बिट, १६-बिट, ३२ -बिट एवं ६४-बिट। हर एक बिट में दो मान होते हैं (०० या ०१ या १० या ११) इस प्रकार ३२-बिट में कुल ३२ तक मान होते हैं। ३२-बिट प्रोसेसर एक समय में कुल ३२ तक के आंकडों पर कार्य करने में सक्षम होते हैं। एक प्रोसेसर में जितने अधिक बिट होंगे उनके कार्य करने की क्षमता एवं सटीकता उतनी ही प्रभावशाली होगी। ३२ -बिट प्रोसेसर ३२ -बिट एवं उससे कम क्षमता तक के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर ही कार्य कर सकता है ३२ -बिट प्रोसेसर ६४-बिट क्षमता के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर कार्य नहीं कर सकता। जबकि  ६४-बिट प्रोसेसर ३२ -बिट एवं उससे कम क्षमता तक के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर कार्य कर सकता है।

  

२) यादृच्छिक अभिगम स्मृति ( RAM-Random Access Memory): 
RAM कम्प्युटर की अस्थाई स्मृति होती है, ये कम्प्युटर के प्राथमिक संग्रहण उपकरण होते हैं| इनका CPU के साथ सीधा संपर्क होता है, उपयोगकर्ता द्वारा भरी गई जानकारी तथा निर्देश ऑपरेटिंग सिस्टम से सर्वप्रथम RAM में आती है, फिर किसी भी जानकारी को CPU जरुरतानुसार RAM से लेता है, तथा क्रियान्वयन के पश्चात् उसे पुन: RAM के पास भेज देता है, जहाँ से उसे ऑपरेटिंग सिस्टम ग्रहण कर लेता है| RAM की स्मृति क्षणभंगुर होती है, जब तक कम्प्युटर में विद्युत प्रवाहित होता है, RAM की स्मृति तभी तक बनी रहती है, जैसे ही विद्युत प्रवाह खंडित होता है, RAM की स्मृति नष्ट हो जाती है परिणामस्वरूप उसमे स्थित सारी जानकारी लुप्त हो जाती है| इनकी क्षमता किलो बाईट, मेगाबाईट तथा गिगाबाईट आदी में नापी जाती है|

३) मुख्य तंत्र पटल (Main\System\Mother Board): 

यह कई नामों से जाना जाता है जिनमे, मदरबोर्ड, सिस्टमबोर्ड तथा मैनबोर्ड ये ज्यादा चलन में है, कई बार इन्हें प्लानर भी कहा जाता है| ये एक प्रकार के सर्किटबोर्ड होते हैं जिनसे अन्य सभी पुर्जे एक विशेष प्रणाली के तहत परोक्ष या अपरोक्ष रूप से आपस में जुड़े हुए रहते है, जिससे सभी पुर्जों के बिच लगातार परस्पर समन्वयन एवं संवाद स्थापित रहता है| माइक्रोप्रोसेसर, RAM, चिपसेट, ग्राफिक कंट्रोलर, अन्य इनपुट-आउटपुट कंट्रोलर मदर बोर्ड पर ही स्थापित्य किये हुए होते हैं| इनकी कार्यक्षमता नापने की इकाई FSB (फ्रंट साइड बस) होती है|
४) अनम्यिका (HDD -Hard Disk): 

ये कम्प्युटर के स्थाई स्मृति होते हैं| इनपर स्थापित किये गए जानकारी सदा के लिए बने रहते है| ये कम्प्युटर के द्वितीयक संग्रहण उपकरण होते हैं| इनकी क्षमता RAM से कहीं ज्यादा होती है, और ये ढेरों जानकारी संग्रह कर रखने में सक्षम होते हैं| ये RAM की तरह क्षणभंगुर नहीं होते, तथा विद्युत संचार बंद होने के बाद भी इनपर रक्षित की गयी जानकारी बनी रहती है| इन पर रक्षित की गयी जानकारी अमिट होती है, वे तभी मिटती हैं जब उपयोगकर्ता खुद उन्हें मिटाना चाहें| ये मदर बोर्ड के IDE (ATA) अथवा SATA कंट्रोलर से जुड़े होते हैं| इनकी क्षमता मेगाबाईट, गिगाबाईट, टेराबाईट, पीकाबाईट आदी में आंकी जाती है| यह कम्प्युटर में स्थायी रूप से बने रहते हैं इसीलिए दस्तावेज आदान-प्रदान के लिए सामान्यतया इन्हें एक कम्यूटर से निकाल कर दुसरे कम्प्युटर में नहीं लगाया जाता|

सघन चक्रिका चालन (CD \ DVD Rom - Compact \ Video Disc Drive):

हार्ड डिस्क के विपरीत कॉम्पेक्ट डिस्क आसानी से निकाले जाने लायक होते है एवं आसानी से एक जगह से दूसरी जगह लाये ले जाए जा सकते हैं जिससे दस्तावेजों का आदान-प्रदान आसानी से किया जाता है|

 

नम्यिका (FDD - Floppy Disk Drive):
 


दृश्यपटल यंत्र / प्रदर्श (Monitor):

 
कुंजीपटल यन्त्र (Keyboard):



माउस (Mouse):


१०पॉवर सप्लाई :



११तंत्र पेटिका (System Cabinet ):

प्रक्रिया सामग्री (Softwares) के प्रकार :-

१) तंत्र प्रक्रिया सामग्री (System Softwares) : सिस्टम सॉफ्टवेयर कम्प्युटर के सभी अंगों का CPU के साथ सामंजस्य बैठाकर हर पुर्जों से उनके लिए निर्दिष्ट कार्य करवाता है| ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रकार है| ये उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों को मशीनी भाषा में बदल कर CPU को देता है, और जब CPU उन निर्देशों को कार्यान्वित कर के परिणाम देता है तो उस परिणाम को मशीनी भाषा से पुन: हमारे समझने लायक भाषा में बदल कर दर्शाता है| माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज़, लिनक्स, एप्पल मकींटोश, यूनिक्स आदि प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम हैं| ऑपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेर के बिच सामंजस्य स्थापित करता है|
  


२) अनुप्रयोग प्रक्रिया सामग्री (Aplications Softwares): ऍप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग दैनदिन होने वाले कार्यों को करनें के लिए किया जाता है| हर तरह के कार्य को करने के लिए एक विशिष्ट प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं| दस्तावेज तैयार करने तथा संपादित करने के लिए, वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेर होता है| हिसाब-खिताब रखने तथा बही-खता बनाने के लिए स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर का प्रयोग होता है| छवि तथा चलचित्र का संपादन करने के लिए ग्राफिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं|
   

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