शुक्रवार, 24 मार्च 2017

कम्यूटर वायरस

          कम्प्युटर वायरस (विषाणु)

कम्प्युटर की कार्यप्रणाली पुरी तरह से कम्प्युटर प्रोग्राम पर निर्भर होता है, तरह-तरह के कार्य करने के लिए विशेष प्रोग्राम प्रयोग में लाये जाते हैं| विज्ञान के अविष्कार मानव सभ्यता के लिए वरदान होने के साथ ही साथ कभी-कभी अभिशाप भी बन जाते है, जहाँ एक तरफ़ परमाणु शक्ति का उपयोग उर्जा श्रोत के लिए वरदान बना हुआ है, दूसरी तरफ़ परमाणु बम के रूप में विनाषक अभिशाप भी साबित हुआ है| किसी भी ज्ञान-विज्ञान का वरदान या अभिषाप होना इस पर निर्भर करता है की उसका उपयोग मानव जाती के उत्थान में हो रहा है या उसका पतन करने के लिए| ठीक उसी तरह कम्प्युटर में प्राण-प्रतिष्ठा करने वाला प्रोग्राम यदि किसी दुर्भावना से ग्रसित होकर लिखे गए हैं तो वे हमें लाभ देने के बजाय हमें भारी हानि पहुँचा सकते हैं|
"कम्यूटर वायरस एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी दुर्भावना से ग्रसित हो कर बनाये जाते हैं, जिसका उद्देश्य कम्प्युटर एवं उसमें स्थित महत्वपूर्ण जानकारी को क्षति पहुंचाना होता है|" कम्प्युटर वायरस में ख़ुद की पुनरावृत्ति करने की अनोखी क्षमता होती है, ये कम्प्युटर के हर संचालन स्थान पर अपनी प्रतिलिपि छोड़ उन्हें भी संक्रमित कर देते है, यदि किसी वायरस संक्रमित कम्यूटर में फ्लॉपी डिस्क या पेन ड्राइव जोड़ते हैं तो कम्प्युटर वायरस उनपर अपनी प्रतिलिपि बना कर उन्हें भी संक्रमित कर देता है| फिर जब भी ये संक्रमित फ्लॉपी या पेन ड्राइव जिस भी कम्प्युटर से जोड़े जाते हैं वह भी संक्रमित हो जाता है| इसके अलावा आज इन्टरनेट और ई-मेल के चलन से वायरस का प्रसार तुंरत एवं तीव्र गति से हो रहा है| कम्प्युटर वायरस कम्प्युटर संजाल (Computer Network) की सहायता से उस संजाल से जुड़े सभी कम्प्युटर में आसानी से फैल जाते है| वायरस की यही कार्य-प्रणाली है, इसी प्रकार वायरस अपना प्रसार करते रहते है और देखते ही देखते विश्व भर के कम्प्युटर को संक्रमित कर उन्हें नुकसान पहुंचाते रहते हैं|


कम्प्युटर वायरस कार्य-पद्धति एवं नुकसान पहुँचाने के आधार पर कई तरह के होते हैं इनमें मुख्य हैं -

ट्रॉजन अश्व (Trojan Horse)ये एक वैध्य से लगने वाले कम्प्युटर प्रोग्राम के साथ जुड़े हुए रहते है, आमतौर पर ये इन्टरनेट पर मुफ्त में मिलने वाले प्रोग्राम के जरिये फैलते हैं| ये जिस कम्प्युटर पर स्थिति रहते है उसकी पुरी जानकारी गुप्त रूप से चुरा कर जिसने इन्हें गुप्त रूप से स्थापित किया है उसे भेज देते हैं| ट्रॉजन अश्व विभिन्न प्रकार के मुफ्त में मिलने वाले उपयोगी प्रोग्राम, खेल के प्रोग्राम, किसी अश्लील विश्वजाल के जरिये, किसी प्रचलित प्रोग्राम के नकली प्रतिलिपि के रूप में प्रसारित किए जाते है|

मैलवेयर (Malware)मैलवेयर Malicious Software का संक्षित रूप है| ये कम्पूटर के प्रोग्राम एवं सामग्री को गुप्त रूप से दूषित कर उन्हें क्षति पहुंचाते है| ये इन्टरनेट एवं ई-मेल के द्वारा कम्प्युटर में प्रवेश कर उसे दूषित कर देते हैं|

ऐडवेयर (Adware): ऐडवेयर ADvertisement Software का संक्षिप्त रूप है| ये संक्रमित कम्प्युटर पर किसी उत्पाद विशेष के विज्ञापन को दिखाने के लिए उपयोय में लाये जाते हैं|

स्पायवेयर (Spyware): स्पायवेयर कम्प्युटर के महत्वपूर्ण जानकारी, उपयोगकर्ता के द्वारा इन्टरनेट पर किए कार्य एवं उपयोगकर्ता की रूचि, उपयोगकर्ता के व्यक्तिगत जानकारी को गुप्त रूप से चुराकर स्पायवेयर स्थापित्य करनेवाले व्यक्ति अथवा संस्था को भेज दिया जाता है, जिसका उपयोग वे अपने अनुरूप करते हैं|

कीलागर (Keylogger): कीलागर संक्रमित कम्प्युटर पर किए गए हर कीस्ट्रोक की जानकारी अर्थात कुंजीपटल द्वारा लिखी गयी हर एक जानकारी इकठ्ठा कर जिसने कीलागर स्थापित किया है उसे भेज देता है| इससे उपयोगकर्ता की महत्त्वपूर्ण जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर ईत्यादी ग़लत व्यक्ति या संस्था के हाथ लगने का खतरा बना रहता है|


                     वायरस का प्रसारक्रम

 कम्प्युटर वायरस के उत्पत्ति एवं विकास में कम्प्युटर प्रगती के विकासक्रम का सीधा सम्बन्ध रहा है| शुरूआती दौर में वायरस प्रसार के माध्यम बेहद ही सिमित थे, जैसे आंकड़े अदन-प्रदान के लिए फ्लॉपी डिस्क ही हुआ करते थे| साथ ही साथ उन दिनों कम्प्युटर का प्रचलन भी बेहद कम था| कम्प्युटर का उपयोग कुछ बड़े संस्थाओं में ही हुआ करता था| उस दौर में प्रोग्रामिंग कोड लिखना और उसमें नए नए प्रयोग करना एक जूनून सा हुआ करता था| सन् १९७० के दौरान आर्पानेट (Arpanet) जो की आज के इन्टरनेट का जनक है चलन में था| सर्वप्रथम जानकारी के अनुसार "क्रीपर" नामक वायरस कम्प्युटर के मोडेम का उपयोग कर आर्पानेट के जरिये DEC PDP-१० नामक कम्प्युटर को संक्रमित करता था| यह बोंब थॉमस द्द्वारा प्रयोगात्मक उद्देश्य से लिखा गया वायरस कोड था जो अपनी पुनरावृत्ति स्वयं ही करने में सक्षम था| आर्पानेट के जरिये क्रीपर दूरस्थ कम्प्युटर पर स्थापित हो "मैं क्रीपर हूँ; अगर पकड़ सकते हो तो मुझे पकडो" ऐसा सन्देश प्रदर्शित करता था| क्रीपर को हटानें के लिए रीपर प्रोग्राम लिखा गया|

एक आम धारणा है कि एक प्रोग्राम जो "रोथर J (Rother J)"कहलाता था वह "इन दी वाइल्ड " प्रकट होने वाला पहला कंप्यूटर वायरस था —यह एक कंप्यूटर के बाहर या प्रयोगशाला में बनाया गया, लेकिन यह दावा ग़लत था. लेकिन यह घर में उपयोग में लाये जाने वाले कम्प्यूटरों को संक्रमित करने वाला पहला वायरस था. यह रिचर्ड स्क्रेंता (Richard Skrenta), के द्वारा १९८२ में लिखा गया, इस वायरस नें ख़ुद को (Apple DOS) 3.3 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ जोड़ लिया और फ्लॉपी डिस्क (floppy disk) के द्वारा फैला. मूलतः यह वायरस एक हाई स्कूल के छात्र के द्वारा निर्मित एक मजाक मात्र था और इसे एक खेल के रूप में फ्लॉपी डिस्क पर डाल दिया गया.इसके ५० वें उपयोग पर Elk Cloner नमक वायरस सक्रिय हो जाता, जो सक्रीय होने पर कंप्यूटर को संक्रमित कर स्क्रीन पर एक छोटी कविता को प्रर्दशित करता था " Elk Cloner:The program with a personality".

इन दी वाइल्ड पहला पीसी वायरस एक बूट क्षेत्र का वायरस था जो (c)ब्रेन ((c)Brain)[३] कहलाता था, इसे फारूक अल्वी ब्रदर्स (Farooq Alvi Brothers) के द्वारा १९८६ में बनाया गया, तथा लाहौर , पाकिस्तान के बाहर संचालित किया गया. इन्होने इस कथित वायरस को उनके द्वारा बनाये गए सोफ्टवेयर की प्रतियों कि चोरी रोकने के लिए बनाया. यद्यपि, विश्लेषकों ने दावा किया कि Ashar वायरस जो, ब्रेन की एक प्रजाति है, संभवतः वायरस के अन्दर कोड के आधार पर इसे पूर्व दिनांकित करता है.

इससे पहले की कंप्यूटर नेटवर्क व्यापक होते अधिकांश वायरस हटाये जाने योग्य माध्यम (removable media), विशेष रूप से फ्लॉपी डिस्क (floppy disk) पर फैल गए. शुरुआती दिनों में निजी कंप्यूटर (personal computer), के कई उपयोगकर्ताओं के बीच नियमित रूप से जानकारी और प्रोग्रामों का विनिमय फ्लोपियों के द्वारा होता था. कई वायरस इन डिस्कों पर उपस्थित संक्रमित प्रोग्रामों से फैले, जबकि कुछ ने अपने आप को डिस्क के बूट क्षेत्र (boot sector) में इंस्टाल कर लिया, इससे यह सुनिश्चित हो गया की जब उपयोगकर्ता कंप्यूटर को डिस्क से बूट करेगा तो यह अनजाने में ही चल जाएगा. उस समय के पी सी पहले फ्लोपी से बूट करने का प्रयास करते थे, यदि कोई फ्लोपी ड्राइव में रह गई है. जब तक फ्लोपी का उपयोग कम नहीं हो गया तब तक यह सर्वाधिक सफल संक्रमण रणनीति थी, in the wild बूट क्षेत्र के वायरसों को बनाना सबसे आसान था.

पारंपरिक कंप्यूटर वायरस १९८० के दशक में उभरे , ऐसा निजी कंप्यूटर का उपयोग बढ़ने के कारण हुआ और इसके परिणाम स्वरुप BBS (BBS) और मॉडेम (modem) का उपयोग, तथा सॉफ्टवेयर का आदान-प्रदान बढ़ गया.बुलेटिन बोर्ड (Bulletin board) सॉफ्टवेयर के आदान प्रदान ने प्रत्यक्ष रूप से ट्रोजन होर्स प्रोग्राम्स को फैलाया, और वायरस लोकप्रिय व्यावसायिक सॉफ्टवेयर को संक्रमित करने के लिए बनाये जाते थे. शेयरवेयर (Shareware) और बूटलेग (bootleg) BBS के वायरस के लिए आम वाहक (vectors) थे. होबिस्ट्स के "पाइरेट सीन" में जो खुदरा सॉफ्टवेयर (retail software), की अवैध प्रतियों का व्य[पार कर रहे थे, व्यापारी आधुनिक अनुप्रयोगों और खेलों को जल्दी प्राप्त करना चाहते थे क्योंकि ये आसानी से वायरसों का लक्ष्य बनाये जा सकते थे.

१९९० के दशक के मध्य के बाद से, मैक्रो वायरस (macro virus) आम हो गए .इनमें से अधिकांश वायरस माइक्रोसोफ्ट प्रोग्राम जैसे वर्ड (Word) औरएक्सेल (Excel) के लिए पटकथा भाषाओं में लिखे जाते हैं. ये वायरस दस्तावेज़ और स्प्रेडशीट को संक्रमित करते हुए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में फ़ैल जाते हैं.चूंकि वर्ड और एक्सेल मैक OS (Mac OS) के लिए भी उपलब्ध थे, इसलिए इनमें से अधिकांश वायरस Macintosh कंप्यूटर (Macintosh computers) पर भी फ़ैल सकते थे.इनमें से अधिकांश वायरसों में संक्रमित ई मेल भेजने की क्षमता नहीं थी.जो वायरस ईमेल के माध्यम से फ़ैल सकते थे उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक (Microsoft Outlook) COM (COM) इंटरफेस का फायदा उठाया.

मैक्रो वायरस ने सॉफ्टवेयर का पता लगाने में अद्वितीय समस्या उत्पन्न कर दी.उदाहरण के लिए , माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के कुछ संस्करणों ने मेक्रोस को अतिरिक्त रिक्त लाइनॉन के साथ अनुलिपित होने की इजाजत दे दी. वायरस समान रूप से व्यवहार करता था लेकिन इसे एक नए वायरस के रूप में पहचानने की भूल की जा रही थी.एक अन्य उदाहरण में, यदि दो मेक्रो वायरस एक दस्तावेज को एक साथ संक्रमित करते हैं और इन दोनों का संयोजन अपने आप को अनुलिपित कर सकता है, तो यह इन दोनों से "अलग" रूप में प्रकट होता है और एक वायरस होता है जो अपने " अभिभावकों " से अलग होता है.

एक वायरस एक संक्रमित मशीन पर सभी सम्पर्कों को त्वरित संदेश (instant message) के रूप में एक वेब पता (web address) लिंक भेज सकता है. यदि प्राप्तकर्ता, यह सोचता है कि लिंक एक मित्र ( एक विश्वसनीय स्रोत )से है, वह वेब साईट पर लिंक का अनुसरण करता है, साईट पर उपस्थित वायरस इस नए कंप्यूटर को संक्रमित करने में समर्थ हो सकता है और अपना प्रसार करने लगता है.

वायरस परिवार की सबसे नई प्रजाति है क्रोस साईट पटकथा वायरस.यह वायरस अनुसंधान से उभरा और २००५ में इसका अकादमिक रूप से प्रदर्शन हुआ. यह वायरस क्रोस साईट पटकथा (cross-site scripting) का उपयोग करके प्रसारित होता है. २००५ के बाद से in the wild, क्रोस साईट पटकथा वायरसों के बहुत से उदहारण रहे हैं, सबसे उल्लेखनीय प्रभावित साईटें हैं माइस्पेस (MySpace) और याहू.



         वायरस से सुरक्षा एवं रोकथाम

हम अपने घर एवं दफ्तर में चोरों से बचाव के लिए कई सावधानियां एवं रोकथाम करते है, सरहद पर सेना सदैव तैनात रहती है की कहीं कोई घुसपैठ न हो जाये| इसी तरह हम अपने कम्प्युटर एवं कम्प्युटर नेटवर्क (संजाल तंत्र) को वायरस के संक्रमण से बहुत हद तक सुरक्षित रख सकते हैं| जिस तरह कंप्यूटर वायरस के प्रोग्राम लिखे एवं फैलाए जाते है, उनके रोकथाम एवं बचाव के लिए कम्प्युटर एंटी-वायरस प्रोग्राम भी बनाये गए हैं जो की वायरस को हमारे कम्प्यूटर या कम्प्युटर नेटवर्क में प्रवेश करने से रोक देता है, तथा यदि कोई कम्प्युटर पहले से ही संक्रमित हुआ है तो वह उस संक्रमण को कम्प्युटर से निकल कम्प्युटर को सुरक्षित कर देता है|

अंग्रेजी में एक कहावत है न की "Prevention is better than Cure" अर्थात "दवा से परहेज भली!!!" अर्थात यदि हम थोडी सी सावधानी बरतें तो कम्प्युटर में वायरस के हमले को बहुत हद तक रोका जा सकता है|

कुछ ध्यान रखने योग्य बचाव इस प्रकार हैं -

१) अपने कम्प्युटर पर कोई भी सुरक्षित एंटी-वायरस प्रोग्राम तथा फायरवाल स्थापित्य कर लें, सुरक्षा लिहाज से ये बहुत ही जरूरी होते हैं| आप अवास्ट एंटीवायरस जो की घरेलु उपयोग के लिए मुफ्त में उपलब्ध है का इस्तेमाल कर सकते है|
२) समय-समय पर अपने एंटी-वायरस प्रोग्राम का अद्यतन (Antivirus Update) करते रहे जिससे की उसके पास नए से नए वायरस को निरस्त करने की जानकारी मौजूद रहे|
३) कभी भी अनजान व्यक्ति के ई-मेल बिना समझे जाने न खोलें, तथा ई-मेल में आये संलग्न सामग्री को बिना समझे-जाने डाउनलोड न करें|
४) कभी भी लुभावने ई-मेल न खोलें, इन ई-मेल में वायरस होने की संभावना अत्यधिक होती है|
५) हरसंभव वयस्क (अश्‍लील) सामग्री वाले संजाल पते पर न ही जाये, यहाँ वायरस होने की संभावना अत्यधिक होती है|
६) जब भी कोई 'निकाले जाने वाले उपकरण' जैसे फ्लॉपी डिस्क, USB डिस्क, CD\DVD डिस्क अपने कम्प्युटर से जोड़े सर्प्रथम उसे एंटी वायरस प्रोग्राम की सहायता से जांच लें की कहीं वह संक्रमित तो नहीं है|
७) इन्टरनेट से किसी भी प्रकार की सामग्री डाउनलोड करने से पहले उसकी विस्वशनीयता को अच्छी तरह समझें तभी डाउनलोड करें|
८) इन्टरनेट पर मुफ्त में मिलने वाले प्रोग्राम, सॉफ्टवेर, गेम्स, संगीत या अन्य कोई भी सामग्री बिना एंटी-वायरस प्रोग्राम से जांचे उपयोग में न लायें|
९) अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को भी समय समय पर सुरक्षा पैबंद (Security Patch) से अद्यतन (Update) करते रहे, जिससे कम्प्युटर आतंरिक रूप से भी सुरक्षित रहे| ऑपरेटिंग सिस्टम के सिक्यूरिटी पैच उनके वेबसाइट पर उपलब्ध रहते हैं|

कम्यूटर वायरस

          कम्प्युटर वायरस (विषाणु)

कम्प्युटर की कार्यप्रणाली पुरी तरह से कम्प्युटर प्रोग्राम पर निर्भर होता है, तरह-तरह के कार्य करने के लिए विशेष प्रोग्राम प्रयोग में लाये जाते हैं| विज्ञान के अविष्कार मानव सभ्यता के लिए वरदान होने के साथ ही साथ कभी-कभी अभिशाप भी बन जाते है, जहाँ एक तरफ़ परमाणु शक्ति का उपयोग उर्जा श्रोत के लिए वरदान बना हुआ है, दूसरी तरफ़ परमाणु बम के रूप में विनाषक अभिशाप भी साबित हुआ है| किसी भी ज्ञान-विज्ञान का वरदान या अभिषाप होना इस पर निर्भर करता है की उसका उपयोग मानव जाती के उत्थान में हो रहा है या उसका पतन करने के लिए| ठीक उसी तरह कम्प्युटर में प्राण-प्रतिष्ठा करने वाला प्रोग्राम यदि किसी दुर्भावना से ग्रसित होकर लिखे गए हैं तो वे हमें लाभ देने के बजाय हमें भारी हानि पहुँचा सकते हैं|
"कम्यूटर वायरस एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी दुर्भावना से ग्रसित हो कर बनाये जाते हैं, जिसका उद्देश्य कम्प्युटर एवं उसमें स्थित महत्वपूर्ण जानकारी को क्षति पहुंचाना होता है|" कम्प्युटर वायरस में ख़ुद की पुनरावृत्ति करने की अनोखी क्षमता होती है, ये कम्प्युटर के हर संचालन स्थान पर अपनी प्रतिलिपि छोड़ उन्हें भी संक्रमित कर देते है, यदि किसी वायरस संक्रमित कम्यूटर में फ्लॉपी डिस्क या पेन ड्राइव जोड़ते हैं तो कम्प्युटर वायरस उनपर अपनी प्रतिलिपि बना कर उन्हें भी संक्रमित कर देता है| फिर जब भी ये संक्रमित फ्लॉपी या पेन ड्राइव जिस भी कम्प्युटर से जोड़े जाते हैं वह भी संक्रमित हो जाता है| इसके अलावा आज इन्टरनेट और ई-मेल के चलन से वायरस का प्रसार तुंरत एवं तीव्र गति से हो रहा है| कम्प्युटर वायरस कम्प्युटर संजाल (Computer Network) की सहायता से उस संजाल से जुड़े सभी कम्प्युटर में आसानी से फैल जाते है| वायरस की यही कार्य-प्रणाली है, इसी प्रकार वायरस अपना प्रसार करते रहते है और देखते ही देखते विश्व भर के कम्प्युटर को संक्रमित कर उन्हें नुकसान पहुंचाते रहते हैं|


कम्प्युटर वायरस कार्य-पद्धति एवं नुकसान पहुँचाने के आधार पर कई तरह के होते हैं इनमें मुख्य हैं -

ट्रॉजन अश्व (Trojan Horse)ये एक वैध्य से लगने वाले कम्प्युटर प्रोग्राम के साथ जुड़े हुए रहते है, आमतौर पर ये इन्टरनेट पर मुफ्त में मिलने वाले प्रोग्राम के जरिये फैलते हैं| ये जिस कम्प्युटर पर स्थिति रहते है उसकी पुरी जानकारी गुप्त रूप से चुरा कर जिसने इन्हें गुप्त रूप से स्थापित किया है उसे भेज देते हैं| ट्रॉजन अश्व विभिन्न प्रकार के मुफ्त में मिलने वाले उपयोगी प्रोग्राम, खेल के प्रोग्राम, किसी अश्लील विश्वजाल के जरिये, किसी प्रचलित प्रोग्राम के नकली प्रतिलिपि के रूप में प्रसारित किए जाते है|

मैलवेयर (Malware)मैलवेयर Malicious Software का संक्षित रूप है| ये कम्पूटर के प्रोग्राम एवं सामग्री को गुप्त रूप से दूषित कर उन्हें क्षति पहुंचाते है| ये इन्टरनेट एवं ई-मेल के द्वारा कम्प्युटर में प्रवेश कर उसे दूषित कर देते हैं|

ऐडवेयर (Adware): ऐडवेयर ADvertisement Software का संक्षिप्त रूप है| ये संक्रमित कम्प्युटर पर किसी उत्पाद विशेष के विज्ञापन को दिखाने के लिए उपयोय में लाये जाते हैं|

स्पायवेयर (Spyware): स्पायवेयर कम्प्युटर के महत्वपूर्ण जानकारी, उपयोगकर्ता के द्वारा इन्टरनेट पर किए कार्य एवं उपयोगकर्ता की रूचि, उपयोगकर्ता के व्यक्तिगत जानकारी को गुप्त रूप से चुराकर स्पायवेयर स्थापित्य करनेवाले व्यक्ति अथवा संस्था को भेज दिया जाता है, जिसका उपयोग वे अपने अनुरूप करते हैं|

कीलागर (Keylogger): कीलागर संक्रमित कम्प्युटर पर किए गए हर कीस्ट्रोक की जानकारी अर्थात कुंजीपटल द्वारा लिखी गयी हर एक जानकारी इकठ्ठा कर जिसने कीलागर स्थापित किया है उसे भेज देता है| इससे उपयोगकर्ता की महत्त्वपूर्ण जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर ईत्यादी ग़लत व्यक्ति या संस्था के हाथ लगने का खतरा बना रहता है|


                     वायरस का प्रसारक्रम

 कम्प्युटर वायरस के उत्पत्ति एवं विकास में कम्प्युटर प्रगती के विकासक्रम का सीधा सम्बन्ध रहा है| शुरूआती दौर में वायरस प्रसार के माध्यम बेहद ही सिमित थे, जैसे आंकड़े अदन-प्रदान के लिए फ्लॉपी डिस्क ही हुआ करते थे| साथ ही साथ उन दिनों कम्प्युटर का प्रचलन भी बेहद कम था| कम्प्युटर का उपयोग कुछ बड़े संस्थाओं में ही हुआ करता था| उस दौर में प्रोग्रामिंग कोड लिखना और उसमें नए नए प्रयोग करना एक जूनून सा हुआ करता था| सन् १९७० के दौरान आर्पानेट (Arpanet) जो की आज के इन्टरनेट का जनक है चलन में था| सर्वप्रथम जानकारी के अनुसार "क्रीपर" नामक वायरस कम्प्युटर के मोडेम का उपयोग कर आर्पानेट के जरिये DEC PDP-१० नामक कम्प्युटर को संक्रमित करता था| यह बोंब थॉमस द्द्वारा प्रयोगात्मक उद्देश्य से लिखा गया वायरस कोड था जो अपनी पुनरावृत्ति स्वयं ही करने में सक्षम था| आर्पानेट के जरिये क्रीपर दूरस्थ कम्प्युटर पर स्थापित हो "मैं क्रीपर हूँ; अगर पकड़ सकते हो तो मुझे पकडो" ऐसा सन्देश प्रदर्शित करता था| क्रीपर को हटानें के लिए रीपर प्रोग्राम लिखा गया|

एक आम धारणा है कि एक प्रोग्राम जो "रोथर J (Rother J)"कहलाता था वह "इन दी वाइल्ड " प्रकट होने वाला पहला कंप्यूटर वायरस था —यह एक कंप्यूटर के बाहर या प्रयोगशाला में बनाया गया, लेकिन यह दावा ग़लत था. लेकिन यह घर में उपयोग में लाये जाने वाले कम्प्यूटरों को संक्रमित करने वाला पहला वायरस था. यह रिचर्ड स्क्रेंता (Richard Skrenta), के द्वारा १९८२ में लिखा गया, इस वायरस नें ख़ुद को (Apple DOS) 3.3 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ जोड़ लिया और फ्लॉपी डिस्क (floppy disk) के द्वारा फैला. मूलतः यह वायरस एक हाई स्कूल के छात्र के द्वारा निर्मित एक मजाक मात्र था और इसे एक खेल के रूप में फ्लॉपी डिस्क पर डाल दिया गया.इसके ५० वें उपयोग पर Elk Cloner नमक वायरस सक्रिय हो जाता, जो सक्रीय होने पर कंप्यूटर को संक्रमित कर स्क्रीन पर एक छोटी कविता को प्रर्दशित करता था " Elk Cloner:The program with a personality".

इन दी वाइल्ड पहला पीसी वायरस एक बूट क्षेत्र का वायरस था जो (c)ब्रेन ((c)Brain)[३] कहलाता था, इसे फारूक अल्वी ब्रदर्स (Farooq Alvi Brothers) के द्वारा १९८६ में बनाया गया, तथा लाहौर , पाकिस्तान के बाहर संचालित किया गया. इन्होने इस कथित वायरस को उनके द्वारा बनाये गए सोफ्टवेयर की प्रतियों कि चोरी रोकने के लिए बनाया. यद्यपि, विश्लेषकों ने दावा किया कि Ashar वायरस जो, ब्रेन की एक प्रजाति है, संभवतः वायरस के अन्दर कोड के आधार पर इसे पूर्व दिनांकित करता है.

इससे पहले की कंप्यूटर नेटवर्क व्यापक होते अधिकांश वायरस हटाये जाने योग्य माध्यम (removable media), विशेष रूप से फ्लॉपी डिस्क (floppy disk) पर फैल गए. शुरुआती दिनों में निजी कंप्यूटर (personal computer), के कई उपयोगकर्ताओं के बीच नियमित रूप से जानकारी और प्रोग्रामों का विनिमय फ्लोपियों के द्वारा होता था. कई वायरस इन डिस्कों पर उपस्थित संक्रमित प्रोग्रामों से फैले, जबकि कुछ ने अपने आप को डिस्क के बूट क्षेत्र (boot sector) में इंस्टाल कर लिया, इससे यह सुनिश्चित हो गया की जब उपयोगकर्ता कंप्यूटर को डिस्क से बूट करेगा तो यह अनजाने में ही चल जाएगा. उस समय के पी सी पहले फ्लोपी से बूट करने का प्रयास करते थे, यदि कोई फ्लोपी ड्राइव में रह गई है. जब तक फ्लोपी का उपयोग कम नहीं हो गया तब तक यह सर्वाधिक सफल संक्रमण रणनीति थी, in the wild बूट क्षेत्र के वायरसों को बनाना सबसे आसान था.

पारंपरिक कंप्यूटर वायरस १९८० के दशक में उभरे , ऐसा निजी कंप्यूटर का उपयोग बढ़ने के कारण हुआ और इसके परिणाम स्वरुप BBS (BBS) और मॉडेम (modem) का उपयोग, तथा सॉफ्टवेयर का आदान-प्रदान बढ़ गया.बुलेटिन बोर्ड (Bulletin board) सॉफ्टवेयर के आदान प्रदान ने प्रत्यक्ष रूप से ट्रोजन होर्स प्रोग्राम्स को फैलाया, और वायरस लोकप्रिय व्यावसायिक सॉफ्टवेयर को संक्रमित करने के लिए बनाये जाते थे. शेयरवेयर (Shareware) और बूटलेग (bootleg) BBS के वायरस के लिए आम वाहक (vectors) थे. होबिस्ट्स के "पाइरेट सीन" में जो खुदरा सॉफ्टवेयर (retail software), की अवैध प्रतियों का व्य[पार कर रहे थे, व्यापारी आधुनिक अनुप्रयोगों और खेलों को जल्दी प्राप्त करना चाहते थे क्योंकि ये आसानी से वायरसों का लक्ष्य बनाये जा सकते थे.

१९९० के दशक के मध्य के बाद से, मैक्रो वायरस (macro virus) आम हो गए .इनमें से अधिकांश वायरस माइक्रोसोफ्ट प्रोग्राम जैसे वर्ड (Word) औरएक्सेल (Excel) के लिए पटकथा भाषाओं में लिखे जाते हैं. ये वायरस दस्तावेज़ और स्प्रेडशीट को संक्रमित करते हुए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में फ़ैल जाते हैं.चूंकि वर्ड और एक्सेल मैक OS (Mac OS) के लिए भी उपलब्ध थे, इसलिए इनमें से अधिकांश वायरस Macintosh कंप्यूटर (Macintosh computers) पर भी फ़ैल सकते थे.इनमें से अधिकांश वायरसों में संक्रमित ई मेल भेजने की क्षमता नहीं थी.जो वायरस ईमेल के माध्यम से फ़ैल सकते थे उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक (Microsoft Outlook) COM (COM) इंटरफेस का फायदा उठाया.

मैक्रो वायरस ने सॉफ्टवेयर का पता लगाने में अद्वितीय समस्या उत्पन्न कर दी.उदाहरण के लिए , माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के कुछ संस्करणों ने मेक्रोस को अतिरिक्त रिक्त लाइनॉन के साथ अनुलिपित होने की इजाजत दे दी. वायरस समान रूप से व्यवहार करता था लेकिन इसे एक नए वायरस के रूप में पहचानने की भूल की जा रही थी.एक अन्य उदाहरण में, यदि दो मेक्रो वायरस एक दस्तावेज को एक साथ संक्रमित करते हैं और इन दोनों का संयोजन अपने आप को अनुलिपित कर सकता है, तो यह इन दोनों से "अलग" रूप में प्रकट होता है और एक वायरस होता है जो अपने " अभिभावकों " से अलग होता है.

एक वायरस एक संक्रमित मशीन पर सभी सम्पर्कों को त्वरित संदेश (instant message) के रूप में एक वेब पता (web address) लिंक भेज सकता है. यदि प्राप्तकर्ता, यह सोचता है कि लिंक एक मित्र ( एक विश्वसनीय स्रोत )से है, वह वेब साईट पर लिंक का अनुसरण करता है, साईट पर उपस्थित वायरस इस नए कंप्यूटर को संक्रमित करने में समर्थ हो सकता है और अपना प्रसार करने लगता है.

वायरस परिवार की सबसे नई प्रजाति है क्रोस साईट पटकथा वायरस.यह वायरस अनुसंधान से उभरा और २००५ में इसका अकादमिक रूप से प्रदर्शन हुआ. यह वायरस क्रोस साईट पटकथा (cross-site scripting) का उपयोग करके प्रसारित होता है. २००५ के बाद से in the wild, क्रोस साईट पटकथा वायरसों के बहुत से उदहारण रहे हैं, सबसे उल्लेखनीय प्रभावित साईटें हैं माइस्पेस (MySpace) और याहू.



         वायरस से सुरक्षा एवं रोकथाम

हम अपने घर एवं दफ्तर में चोरों से बचाव के लिए कई सावधानियां एवं रोकथाम करते है, सरहद पर सेना सदैव तैनात रहती है की कहीं कोई घुसपैठ न हो जाये| इसी तरह हम अपने कम्प्युटर एवं कम्प्युटर नेटवर्क (संजाल तंत्र) को वायरस के संक्रमण से बहुत हद तक सुरक्षित रख सकते हैं| जिस तरह कंप्यूटर वायरस के प्रोग्राम लिखे एवं फैलाए जाते है, उनके रोकथाम एवं बचाव के लिए कम्प्युटर एंटी-वायरस प्रोग्राम भी बनाये गए हैं जो की वायरस को हमारे कम्प्यूटर या कम्प्युटर नेटवर्क में प्रवेश करने से रोक देता है, तथा यदि कोई कम्प्युटर पहले से ही संक्रमित हुआ है तो वह उस संक्रमण को कम्प्युटर से निकल कम्प्युटर को सुरक्षित कर देता है|

अंग्रेजी में एक कहावत है न की "Prevention is better than Cure" अर्थात "दवा से परहेज भली!!!" अर्थात यदि हम थोडी सी सावधानी बरतें तो कम्प्युटर में वायरस के हमले को बहुत हद तक रोका जा सकता है|

कुछ ध्यान रखने योग्य बचाव इस प्रकार हैं -

१) अपने कम्प्युटर पर कोई भी सुरक्षित एंटी-वायरस प्रोग्राम तथा फायरवाल स्थापित्य कर लें, सुरक्षा लिहाज से ये बहुत ही जरूरी होते हैं| आप अवास्ट एंटीवायरस जो की घरेलु उपयोग के लिए मुफ्त में उपलब्ध है का इस्तेमाल कर सकते है|
२) समय-समय पर अपने एंटी-वायरस प्रोग्राम का अद्यतन (Antivirus Update) करते रहे जिससे की उसके पास नए से नए वायरस को निरस्त करने की जानकारी मौजूद रहे|
३) कभी भी अनजान व्यक्ति के ई-मेल बिना समझे जाने न खोलें, तथा ई-मेल में आये संलग्न सामग्री को बिना समझे-जाने डाउनलोड न करें|
४) कभी भी लुभावने ई-मेल न खोलें, इन ई-मेल में वायरस होने की संभावना अत्यधिक होती है|
५) हरसंभव वयस्क (अश्‍लील) सामग्री वाले संजाल पते पर न ही जाये, यहाँ वायरस होने की संभावना अत्यधिक होती है|
६) जब भी कोई 'निकाले जाने वाले उपकरण' जैसे फ्लॉपी डिस्क, USB डिस्क, CD\DVD डिस्क अपने कम्प्युटर से जोड़े सर्प्रथम उसे एंटी वायरस प्रोग्राम की सहायता से जांच लें की कहीं वह संक्रमित तो नहीं है|
७) इन्टरनेट से किसी भी प्रकार की सामग्री डाउनलोड करने से पहले उसकी विस्वशनीयता को अच्छी तरह समझें तभी डाउनलोड करें|
८) इन्टरनेट पर मुफ्त में मिलने वाले प्रोग्राम, सॉफ्टवेर, गेम्स, संगीत या अन्य कोई भी सामग्री बिना एंटी-वायरस प्रोग्राम से जांचे उपयोग में न लायें|
९) अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को भी समय समय पर सुरक्षा पैबंद (Security Patch) से अद्यतन (Update) करते रहे, जिससे कम्प्युटर आतंरिक रूप से भी सुरक्षित रहे| ऑपरेटिंग सिस्टम के सिक्यूरिटी पैच उनके वेबसाइट पर उपलब्ध रहते हैं|

कम्प्युटर - संरचना

कम्प्युटर कई तरह के कलपुर्जों, अर्थात Hardware एवं प्रक्रिया सामग्री अर्थात Software के परस्पर समन्वयन से बनता है| सारे कल-पुर्जे (Hardwares) आपस में, एक-दुसरे से जुड़ कर कम्प्युटर का ढांचा तैयार करते हैं, और प्रकिया सामग्री (Softwares) हर पुर्जों से उनके लिए निर्दिष्ट कार्य करवाती है|


कम्प्युटर बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले प्रमुख कल-पुर्जे (Hardwares) इस प्रकार है :-

१) केन्द्रीय प्रचालन तंत्र (CPU -Central Processing Unit, Processor): 


इसे माईक्रोप्रोसेसर भी कहते हैं, यह कम्प्युटर का प्रमुख अंग होता है| माईक्रोप्रोसेसर में ही उपयोगकर्ता द्वारा निर्दिष्ट सभी निर्देशों पर कार्य किया जाता है, प्रोसेसर के तीन मुख्य खंड होते हैं, CU-कंट्रोल युनिट, ALU- अरिथमटिक एंड लोगिकल युनिट, तथा MU- मेमोरी युनिट| कंट्रोल युनिट सारी प्रक्रिया पर नियंत्रण रखता है तथा दिए गए निर्देशों के आधार पर कार्य को ALU या MU को वितरित करता है, तत्पश्चात उनके द्वारा दिए परिणाम को आगे भेजता है| इसे कम्प्युटर का मष्तिष्क भी कहा जाता है| इनकी कार्य-क्षमता किलोहर्ट्ज़, मेगाहर्ट्ज़ तथा गिगाहर्ट्ज़ आदी में नापी जाती है|

प्रोसेसर की कार्य-प्रणाली को बिट के आधार पर आँका जाता है, जैसे की ८-बिट, १६-बिट, ३२ -बिट एवं ६४-बिट। हर एक बिट में दो मान होते हैं (०० या ०१ या १० या ११) इस प्रकार ३२-बिट में कुल ३२ तक मान होते हैं। ३२-बिट प्रोसेसर एक समय में कुल ३२ तक के आंकडों पर कार्य करने में सक्षम होते हैं। एक प्रोसेसर में जितने अधिक बिट होंगे उनके कार्य करने की क्षमता एवं सटीकता उतनी ही प्रभावशाली होगी। ३२ -बिट प्रोसेसर ३२ -बिट एवं उससे कम क्षमता तक के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर ही कार्य कर सकता है ३२ -बिट प्रोसेसर ६४-बिट क्षमता के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर कार्य नहीं कर सकता। जबकि  ६४-बिट प्रोसेसर ३२ -बिट एवं उससे कम क्षमता तक के ऑपरेटिंग सिस्टम एवं एप्लीकेशन पर कार्य कर सकता है।

  

२) यादृच्छिक अभिगम स्मृति ( RAM-Random Access Memory): 
RAM कम्प्युटर की अस्थाई स्मृति होती है, ये कम्प्युटर के प्राथमिक संग्रहण उपकरण होते हैं| इनका CPU के साथ सीधा संपर्क होता है, उपयोगकर्ता द्वारा भरी गई जानकारी तथा निर्देश ऑपरेटिंग सिस्टम से सर्वप्रथम RAM में आती है, फिर किसी भी जानकारी को CPU जरुरतानुसार RAM से लेता है, तथा क्रियान्वयन के पश्चात् उसे पुन: RAM के पास भेज देता है, जहाँ से उसे ऑपरेटिंग सिस्टम ग्रहण कर लेता है| RAM की स्मृति क्षणभंगुर होती है, जब तक कम्प्युटर में विद्युत प्रवाहित होता है, RAM की स्मृति तभी तक बनी रहती है, जैसे ही विद्युत प्रवाह खंडित होता है, RAM की स्मृति नष्ट हो जाती है परिणामस्वरूप उसमे स्थित सारी जानकारी लुप्त हो जाती है| इनकी क्षमता किलो बाईट, मेगाबाईट तथा गिगाबाईट आदी में नापी जाती है|

३) मुख्य तंत्र पटल (Main\System\Mother Board): 

यह कई नामों से जाना जाता है जिनमे, मदरबोर्ड, सिस्टमबोर्ड तथा मैनबोर्ड ये ज्यादा चलन में है, कई बार इन्हें प्लानर भी कहा जाता है| ये एक प्रकार के सर्किटबोर्ड होते हैं जिनसे अन्य सभी पुर्जे एक विशेष प्रणाली के तहत परोक्ष या अपरोक्ष रूप से आपस में जुड़े हुए रहते है, जिससे सभी पुर्जों के बिच लगातार परस्पर समन्वयन एवं संवाद स्थापित रहता है| माइक्रोप्रोसेसर, RAM, चिपसेट, ग्राफिक कंट्रोलर, अन्य इनपुट-आउटपुट कंट्रोलर मदर बोर्ड पर ही स्थापित्य किये हुए होते हैं| इनकी कार्यक्षमता नापने की इकाई FSB (फ्रंट साइड बस) होती है|
४) अनम्यिका (HDD -Hard Disk): 

ये कम्प्युटर के स्थाई स्मृति होते हैं| इनपर स्थापित किये गए जानकारी सदा के लिए बने रहते है| ये कम्प्युटर के द्वितीयक संग्रहण उपकरण होते हैं| इनकी क्षमता RAM से कहीं ज्यादा होती है, और ये ढेरों जानकारी संग्रह कर रखने में सक्षम होते हैं| ये RAM की तरह क्षणभंगुर नहीं होते, तथा विद्युत संचार बंद होने के बाद भी इनपर रक्षित की गयी जानकारी बनी रहती है| इन पर रक्षित की गयी जानकारी अमिट होती है, वे तभी मिटती हैं जब उपयोगकर्ता खुद उन्हें मिटाना चाहें| ये मदर बोर्ड के IDE (ATA) अथवा SATA कंट्रोलर से जुड़े होते हैं| इनकी क्षमता मेगाबाईट, गिगाबाईट, टेराबाईट, पीकाबाईट आदी में आंकी जाती है| यह कम्प्युटर में स्थायी रूप से बने रहते हैं इसीलिए दस्तावेज आदान-प्रदान के लिए सामान्यतया इन्हें एक कम्यूटर से निकाल कर दुसरे कम्प्युटर में नहीं लगाया जाता|

सघन चक्रिका चालन (CD \ DVD Rom - Compact \ Video Disc Drive):

हार्ड डिस्क के विपरीत कॉम्पेक्ट डिस्क आसानी से निकाले जाने लायक होते है एवं आसानी से एक जगह से दूसरी जगह लाये ले जाए जा सकते हैं जिससे दस्तावेजों का आदान-प्रदान आसानी से किया जाता है|

 

नम्यिका (FDD - Floppy Disk Drive):
 


दृश्यपटल यंत्र / प्रदर्श (Monitor):

 
कुंजीपटल यन्त्र (Keyboard):



माउस (Mouse):


१०पॉवर सप्लाई :



११तंत्र पेटिका (System Cabinet ):

प्रक्रिया सामग्री (Softwares) के प्रकार :-

१) तंत्र प्रक्रिया सामग्री (System Softwares) : सिस्टम सॉफ्टवेयर कम्प्युटर के सभी अंगों का CPU के साथ सामंजस्य बैठाकर हर पुर्जों से उनके लिए निर्दिष्ट कार्य करवाता है| ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रकार है| ये उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों को मशीनी भाषा में बदल कर CPU को देता है, और जब CPU उन निर्देशों को कार्यान्वित कर के परिणाम देता है तो उस परिणाम को मशीनी भाषा से पुन: हमारे समझने लायक भाषा में बदल कर दर्शाता है| माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज़, लिनक्स, एप्पल मकींटोश, यूनिक्स आदि प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम हैं| ऑपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेर के बिच सामंजस्य स्थापित करता है|
  


२) अनुप्रयोग प्रक्रिया सामग्री (Aplications Softwares): ऍप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग दैनदिन होने वाले कार्यों को करनें के लिए किया जाता है| हर तरह के कार्य को करने के लिए एक विशिष्ट प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं| दस्तावेज तैयार करने तथा संपादित करने के लिए, वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेर होता है| हिसाब-खिताब रखने तथा बही-खता बनाने के लिए स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर का प्रयोग होता है| छवि तथा चलचित्र का संपादन करने के लिए ग्राफिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं|
   

History Of Computer In Hindi | कंप्यूटर का इतिहास जानें


       History of Computer in Hindi :

कंप्यूटर शब्द की उत्पति अंग्रेज़ी भाषा के कम्प्यूट शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना अतः कम्प्यूटर का विकास गणितिय गणनाओं के उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया है सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार 600 ईसा पहले गिनतारे का विकास मेसोपुटामिया में हुआ, इसी प्रकार Calculator का आविष्कार 17वीं शताब्दी के शुरुआत में डानन नेपियर ने किया था जिसका उपयोग गणितिय गणनाओं हेतु किया गया था. इसके बाद 1671 में ब्रान गोट फ्राइड में गणना करने वाले कैलकुलेटर का आविष्कार किया. 1942 में बेब्ज पास्कल ने यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया जिसे पास्कलिंग कहा गया यह कैलकुलेटर सिर्फ 6 व्यकित्यों के बराबर गणना कर सकता था. 




History of Computer : 1822 में चार्ल्स बेबेज ने सबसे पहले Digital Computer बनाया पास्कलिन से प्रेरणा लेकर डिफ्रेन्सियल और एनालिटीकल एनिंजन का अविष्कार किया, उन्होंने 1937 में स्वचालित कंप्यूटर की परिकल्पना की जिसमे कृत्रिम स्मृति तथा प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता हो, किन्तु हथर्न होलेरीथ ने भी पूरा किया ! पंचकार्ड की मदद से सारा कार्य खुद ही करने इलेक्ट्रोनिक टेबूलेशन मशीन का निर्माण किया गया! मतलब प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में Vacuum Tube या Vacuum Valve का प्रयोग हुआ. 
1948 में Valve की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाने लगा ! इससे Vacuum Tube में होने वाले श्योर में पैदा होने वाली गर्मी से निजात पाया जा सका ! इसमें का खर्चीले और कम जगह घेरने वाले कंप्यूटर का निर्माण संभव हो सका ! 
1958 में ट्रांजिस्टर के स्थान पर सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग कंप्यूटर के क्षेत्र में किया जाने लगा | इसने कंप्यूटर के क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन तथा एक नयी क्रांति ला दी जिसको कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी कहा गया ! सिलकोन चिप निर्मित कंप्यूटर का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण इन्हें मिनी कंप्यूटर कहा जाने लगा.

Computer History by Year :कंप्यूटर तकनिकी विकास के द्वारा जो कंप्यूटर के कार्यशेली तथा क्षमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कंप्यूटर विभिन्न पीढ़ियों तथा विभिन्न प्रकार की कंप्यूटर की क्षमताओं का निर्माण का आविष्कार हुआ !
कार्य क्षमता के इस विकास को 1964 में कंप्यूटर जनरेशन कहा जाने लगा.

कंप्यूटर विकास की पहली पीढ़ी (First Generation History in Hindi) :-
वैक्यूम टूयूब्स (1940 - 1956) :
 इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को नियंत्रण और प्रसारित करने हेतु वैक्यूम टूयूब्स का उपयोग किया गया इसमें भरी भरकम कंप्यूटर का निर्माण हुआ किन्तु सबसे पहले उन्ही के द्वारा कंप्यूटर की परिकल्पना साकार हुई | ये टूयूब्स के आकार में बड़े तथा ज्यादा गर्मी उत्पन्न करते थे तथा उनमे टूट-फुट तथा ज्यादा खराबी होने की संभावना रहती थी और इसकी गणना करने की क्षमता भी काफी कम थी और पहली पीढ़ी के कंप्यूटर ज्यादा स्थान घेरते थे.

कंप्यूटर विकास की दूसरी पीढ़ी (Second Generation History in Hindi):-
ट्रांजिस्टर (1956 - 1963) : 
में ट्रांजिस्टर का आविष्कार हुआ | इस दौरान के कंप्यूटरों में ट्रांजिस्टरों का एक साथ प्रयोग किया जाने लगा था, जो वाल्व्स की अपेक्षा अधिक सक्षम और सस्ते होते थे | जिन्हें कंप्यूटर निर्माण हेतु वैक्यूम टूयूब्स के स्थान पर उपयोग किया जाने लगा | ट्रांजिस्टर का आकार वैक्यूम टूयूब्स की तुलना में काफी छोटा होता है | जिससे कंप्यूटर छोटे तथा उनकी गणना करने की क्षमता अधिक और तेज | पहली पीढ़ी की तुलना में इनका आकार छोटा और कम गर्मी उत्पन्न करने वाले तथा अधिक कार्यक्षमता व तेज गति के गणना करने में सक्षम थे.

कंप्यूटर विकास की तीसरी पीढ़ी (Third Generation Computer History in Hindi):-
इंटीग्रेटेड सर्किट (1964 - 1971) :
 इस अवधि के कंप्यूटरो का एक साथ प्रयोग किया जा सकता था. यह समकालित चिप विकास की तीसरी पीढ़ी का महत्वपूर्ण आधार बनी, कंप्यूटर के आकार को और छोटा करने हेतु तकनिकी प्रयास किये जाते रहे जिसके परिणाम स्वरूप सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट निर्माण होने से कंप्यूटर में इनका उपयोग किया जाने लगा ! जिसके फलस्वरूप कंप्यूटर अब तक के सबसे छोटे आकार का उत्पादन करना संभव हो सका ! इनकी गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक की थी जो स्माल स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्वारा संभव हो सका.

कंप्यूटर विकास की चोथी पीढ़ी (Fourth Generation Computer History in Hindi):-
माइक्रोप्रोसेसर (1971 - 1985) :
 चोथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया गया ! वी.एस.एल.आई. की प्राप्ति से एकल चिप हजारों ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते थे.




कंप्यूटर विकास की पांचवी पीढ़ी (Fifth Generation Computer History in Hindi) :-
आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस:
 विकास की इस पांचवी अवस्था में कंप्यूटरों में कृत्रीम बुद्धि का निवेश किया गया है ! इस तरह के कंप्यूटर अभी पूरी तरह से विकशित नहीं हुए है ! इस तरह के कंप्यूटरों को हम रोबोट और विविध प्रकार के ध्वनि कार्यकर्मो में देख सकते है ! ये मानव से भी ज्यादा सक्षम होगा.

कम्प्यूटर प्रश्न व उत्तर

1. SMPS का पूरा नाम क्या है?
(अ) सर्विस मेक्ट पॉवर शाप (ब) स्विचड मोडपावर सप्लाई
(स) मैन पावर सप्लाई (द) सेव पावर मैन सप्लाई?
उत्तर:- (ब)
2. बैंक में Cheque Read करने के लिए निम्न में से कोनसी विधि का प्रयोग होता है?
(अ) OCR (ब) MCR (स) MICR (द) OMR
उत्तर:- (स)
3. निम्न में से कोनसा सबसे तेज और सबसे बड़ा और सबसे अधिक महंगा Computer है?
(अ) Super computer (ब) Personal computer (स) Laptop (द) Notebook
उत्तर:- (अ)
4. भारत में विकशित परम Computer का विकास किस संस्था द्वारा किया गया था?
(अ) C-ADC (ब) IIT Mumbai (स) IIT Delhi (द) BARC
उत्तर:- (अ)
5. सर्वाधिक तेज गति वाला प्रिंटर है?
(अ) Jet Printer (ब) Tharmal Printer (स) Laser Printer (द) Daisy Wheel Printer
उत्तर:- (स)
6. माउस की क्रिया है?
(अ) सिंगल क्लिक (ब) डबल क्लिक (स) ड्रैग (द) उपरोक्त सभी
उत्तर:- (द)
7. किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए कोनसी Key दूसरी Key के साथ में प्रयुक्त की जाती है?
(अ) Function Key (ब) Space Bar (स) Ctrl (द) Arrow Key
उत्तर:- (स)
8. कंप्यूटर की भाषा में एक मेगाबाइट में कितने बाईट होते है?
(अ) 10,00,00 (ब) 10,00,000 (स) 10,24,000 (द) 10,48,576
उत्तर:- (द)
9. ग्राफ़िक इमेज को कंप्यूटर में किसकी सहायता से इनपुट करते है?
(अ) स्कैनर (ब) फ्लोपी (स) जॉयस्टिक (द) माउस
उत्तर:- (अ)
10. कंप्यूटर की आवाज को सुनने या रिकॉर्ड करने के लिए किस कार्ड का प्रयोग किया जाता है?
(अ) VGA Card (ब) Sound Card (स) AGA Card (द) Display Card
उत्तर:- (ब)
11. PC पर टाइपिंग करने समय दो सब्दों के बीच जगह छोड़ने के लिए......नामक Key दबानी पड़ती है? 
(अ) Back Space (ब) Shift (स) Control (द) Space Bar
उत्तर:- (द)
12. Computer का बुद्धिमता स्तर (IQ) होता है-
(अ) 0 (ब) 50 (स) 100 (द) असिमित 
उत्तर:- (अ)
13. प्रिंटर निम्नलिखित में से किससे संबधित है? 
(अ) इनपुट (ब) वर्ड प्रोसेसिंग (स) प्रोसेसिंग (द) आउटपुट 
उत्तर:- (द)
14. हार्ड डिस्क से डिलीट की गई फाइल.......में भेजी जाती है?
(अ) रिसाइकिल बिन (ब) मदर बोर्ड (स) क्लिप बोर्ड (द) फ्लोपी डिस्क 
उत्तर:- (अ)
15. कंप्यूटर में Disk कहाँ रखी जाती है?
(अ) हार्ड ड्राइव में(ब) डिस्कड्राइव में (स) CPU में(द) मॉडेम में 
उत्तर:- (ब)
16. विंडोज विस्टा के बाद कोनसा ऑपरेटिंग सिस्टम आया है?
(अ) विंडोज-7 (ब) विंडोज-8 (स) विंडोज-XP (द) MS DOS 
उत्तर:- (अ) 
17. निम्न में से कोन सा System Software है?
(अ) MS Word (ब) Windows 7 (स) Excel (द) Power Point 
उत्तर:- (ब)
18. कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है?
(अ) सी.डी. को (ब) सी.पी.यू को (स) फ्लोपी डिस्क को (द) मोनिटर को
उत्तर:- (ब)
19..........एक Background Software है जिसकी मदद से Computer अपने आंतरिक संसाधनों को व्यवस्थित करता है? 
(अ) Application S/W (ब) Utility Programme 
(स) Application S/W (द) Special S/W
उत्तर:- (अ)
20. Windows 7 इनमे से किस File Format को Support करता है?
(अ) NTFS (ब) BSD (स) EXT (द) उपरोक्त सभी

उत्तर:- (अ)

21. विंडोज-7 ऑपरेटिंग सिस्टम किस की Manage करता है?
(अ) Memory (ब) Processor (स) I/O Device (द) उपरोक्त सभी
उत्तर:- (द)
22. Windows 7 में फोल्डर के अन्दर फोल्डर को कहा जाता है?
(अ) Directory (ब) File (स) Sub Folder (द) उपरोक्त सभी
उत्तर:- (स)
23. .......एक कंटेनर जैसा है जिसमे आप Files को स्टोर कर सकते है?
(अ) Icon (ब) Desktop (स) Folder (द) File
उत्तर:- (स)
24. किसी फाइल के तुरंत खोलने के लिए डेस्कटॉप पर उसकी लोकेशन का.........तैयार करते है?
 (अ) Folder (ब) Shortcut Icon (स) अ व ब (द) उपरोक्त सभी
 उत्तर:- (ब)
25. बूट होने के बाद जब आपका कंप्यूटरउपयोग के लिए तैयार होता है, तो जिस स्थान को आप देखते है वह कहलाता है? 
(अ) Windows (ब) Desktop (स) Background (द) उपरोक्त सभी
 उत्तर:- (ब) 
26. विंडोज 7 Recently open item को किस List द्वारा Show करता है? 
(अ) Jump List (ब) File List (स) अ व ब (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
उत्तर:- (अ) 
27. Windows 7 में Accessories मेंकौन-कौनसे Option होते है? 
(अ) Notepad (ब) WordPad (स) Paint (द) उपरोक्त सभी 
उत्तर:- (द)
28. Windows 7 में Calander, Weather तथा Slide show option निम्न में उपस्थित होते हैं- 
(अ) Desktop (ब) System tray (स) Desktop gadgets (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
उत्तर:- (स) 
29. निम्न में से Windows 7 का System icon नहीं है? 
(अ) Recycle Bin (ब) Computer (स) MS Word (द) Network 
उत्तर:- (स) 
30. Windows 7 में Taskbar को स्वत: छिपाने के लिए किस का प्रयोग करते है? 
(अ) Lock The Taskbar (ब) Auto HideThe Taskbar 
(स) Task Bar Button (द) Show The Desktop 
उत्तर:- (ब) 
31. विंडोज 7 के उपयोग को जानने और कठिन सुचना को प्राप्त करने में मदद तथा अन्य कार्यो के लिए........पर क्लिक करते है? 
(अ) Recycle Bin (ब) Network (स) Control Panel (द) Recovery 
उत्तर:- (स) 
32. ...............आपको ग्राफिक्स बनाने और सम्पादित करने के अनुमति देता है जो की विंडोज 7 के साथ उपलब्ध एक लोकप्रिय कार्यक्रम है?
(अ) Photo Pro (ब) Photo Shop(स) Paint Pro(द) Paint
उत्तर:- (द) 
33. Windows 7 में स्टार्ट बटन को लॉन्च करने के लिए कोनसी Key Press करते है? 
(अ) Title Bar (ब) Window Key (स) Status Bar (द) Scroll Bar 
उत्तर:- (ब) 
34. ऑपरेटिंग सिस्टम को कंप्यूटर की मेमोरी में लोड करने को कहा जाता है? 
(अ) Booting (ब) Load (स) Dos Promt (द) Symbol 
उत्तर:- (अ) 
35. विंडोज 7 को Shutdown करने के लिए कीबोर्ड पर कोनसी Shortcut Key का प्रयोग करते है? 
(अ) Ctrl+Delete (ब) Ctrl+F4 (स) Alt+F4 (द) Alt+F5 
उत्तर:- (स) 
36. Window की व्यवस्था एवं अन्य सूचनाओं को Store करते हुए Computer को पुनः प्रारम्भ करने वाला विकल्प है? 
(अ) Shut down (ब) Restart (स) Stand By (द) Restart in MS DOS Mode 
उत्तर:- (ब) 
37. Application Windows में Title bar के ठीक नीचे कोनसा Bar होता है? 
(अ) मेनू बार (ब) स्क्रोल बार (स) रूलर बार (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
उत्तर:- (अ) 
38. Windows Update के लिए कौनसा टूल्स उपयोग करते है? 
(अ) Windows Restart (ब) Windows log off 
(स) Windows Update (द) System Tools 
उत्तर:- (स) 
39. Multiuser Operating System है? 
(अ) Unix (ब) MS Dos (स) PC Dos (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
उत्तर:- (अ) 
40. Windows 7 में Math Input Panel कहाँ होता है? 
(अ) Accessories (ब) Start Button (स) System Icon (द) System Tools 
उत्तर:- (अ)
41. इनमे से कौन से एसेसरीज नही है?
(अ) Paint (ब) Wordpad (स) Notepad (द) MS Office
उत्तर:- (द)
42. जब बहुत से कार्य कंप्यूटर को दिए जाते है और उसका प्रोसेस एक एक करके होता है तो उसे कहा जाता है?

(अ) Time Sharing Mode (ब) Batch Processiong Mode
(स) अ व ब दोनों (द) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर:- (ब) 
43. डिस्क क्लीनअप यूटिलिटी की उपयोगीता है?

(अ) डिस्क स्पेस मेकअप करने के लिए (ब) व्यर्थ की फाइल को अपने कंप्यूटर से हटाने के लिए
(स) फाइल की साइज़ को देखने के’ लिए(द) वायरस को हटाने के लिये
उत्तर:- (ब)
44. Windows 7 में F5 का क्या कार्य है?

(अ) Shutdown (ब) Refresh (स) Stand By (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:- (ब)

45. सिस्टम डेट व सिस्टम टाइम तारीख व समय है जो कंप्यूटर में किसके द्वारा संचालित होते है?
(अ) माउस (ब) आंतरिकघड़ी (स) सी.पी.यु (द) एलयु 
उत्तर:- (ब) 
46. “डीवीडी” काविस्तार रूप है?

(अ) डिजिटल वर्सटाइल डिस्क (ब) डिजिटल विडियो डिस्क 
(स) डिजिटल विडियो डेफिनिशन (द) अ व ब
उत्तर:- (द)
47. यदि आप किसी एक फाइल को“डॉक्यूमेंट” फोल्डर से कट (cut) कर“म्यूजिक” फोल्डर में पेस्ट (paste) करते है तो.....

(अ) आप उस फाइल कोकेवल “म्यूजिक” फोल्डर में पा सकते है
(ब) आप उस फाइल कोकेवल “डॉक्यूमेंट” फोल्डर में पा सकते है
(स) आप उस फाइल को “म्यूजिक” व“डॉक्यूमेंट” फोल्डर दोनोंमें पा सकते है
(द) आप उस फाइल को “म्यूजिक” व“डॉक्यूमेंट” फोल्डर दोनोंमें नहीं पा सकते है
उत्तर:- (अ)
48. मेमोरी की गति (तीव्र में मंद) का सही अनुक्रम है?

(अ) रजिस्टर्स, केश मेमोरी, मैन मेमोरी, हार्ड डिस्क
(ब) केश मेमोरी, रजिस्टर्स, मैन मेमोरी, हार्ड डिस्क
(स) मैन मेमोरी,रजिस्टर्स, केश मेमोरी, हार्ड डिस्क 
(द) हार्ड डिस्क, मैन मेमोरी, केश मेमोरी, रजिस्टर्स 
उत्तर:- (अ)
49. विंडोज 7 के उपयोग को जानने और कठिन सुचना को प्राप्त करने में मदद तथा अन्य कार्यो के लिए...........पर क्लिक करते है?

(अ) सर्च (ब) विंडोज (स) स्टार्ट (द) हेल्प एंड सपोर्ट
उत्तर:- (द)
50. एम एस पेंट एप्लीकेशन में वक्रीय रेखा को ड्रा करने के लिए हम.......आइकॉन पर क्लिक करते है.(अ) कर्व (ब) लाइन (स) पॉलींगन (द) रेक्टेंगल
उत्तर:- (अ)
51. ........प्रिंट किए जाने वाले कैरेक्टर की ऊंचाई और छोड़ाई को प्रदर्शित करता है?(अ) फॉण्ट साइज़ (ब) बॉर्डर (स) सेल (द) फॉण्ट स्टाइल
उत्तर:- (अ)
52. एक कंप्यूटर को भाषा जो‘0’ और‘1’ संख्याओं की मदद से लिखा जाता है, कहलाता है?

(अ) मशीन लेवल लैंग्वेज (ब) हाई लेवल लैंग्वेज (स) असेंबली लेवल लैंग्वेज (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:- (अ)
53. .........एक प्वाइंटिंग/डिवाइस युक्ति है?
(अ) माउस (ब) प्रिंटर (स) स्कैनर (द) कीबोर्ड
उत्तर:- (अ)
54. कीबोर्ड के जिन बटनों पर तीर/ऐरो का निशान होता है उन्हें........कहते है?
(अ) फंक्शन कीजि (कुंजी) (ब) नेविगेशनकीजि (कुंजी)
(स) टाइप राईटरकीजि (कुंजी) (द) स्पेशल कीजि (कुंजी)
उत्तर:- (ब)
55. ये बटन टाइटल बार पर उपलब्ध होते है , सिवाय
(अ) मिनी माइज (ब) स्टार्ट (स) मैक्सीमाइज (द) क्लोज
उत्तर:- (ब)
56. एक कंप्यूटर को ओन (चालू) करने की प्रक्रिया कहलाती है?
(अ) स्टार्टिंग (ब) टर्निंग ओन (स) बूटिंग (द) हयबरनेटिंग
उत्तर:- (स)
57. स्क्रीन के सबसे निचले भाग पर आप जो एक लम्बा सा बार(दंडाक्र्रती) देखते है,...........कहलाता है?
(अ) टास्क बार (ब) टाइटल बार(स) मेनू बार (द) स्पेस बार
उत्तर:- (अ)
58.........एक आधारभूत टेक्स्ट एडिटिंग (विषय वस्तु संपादक) प्रोग्रामहै और यह सामान्यत:टेक्स्ट फाइल को देखने और सम्पादित करने में प्रयुक्त होता है?
(अ) संगणक (ब) नोट पैड (स) एड्रेस पुस्तिका (द) पेंट
उत्तर:- (ब)
59. .......... का उपयोग बड़े जटिल टेक्स्ट डॉक्यूमेंट को तैयार करने और फॉर्मेट करने के लिए किया जाता है?
(अ) कैलकुलेटर (ब) वर्डपैड (स) नोटपैड (द) टेक्स्टपैड
उत्तर:- (ब)
60. इनमे से कोनसी संग्रहण युक्ति अधिकतम आंकड़ों को संग्रहित रखती हैं?
(अ) फ्लोपी (ब) डी.वी.डी (स) सी.डी.रोम (द) सी.डी.आर. डब्लू.
उत्तर:- (ब)

61. फोल्डर सिस्टम को..........भी कहते हैं ?
(अ) डायरेक्शन सिस्टम (ब) डायरेक्टरी सिस्टम (स) डायरेक्टरी लिस्ट (द) फोल्डर बुक
उत्तर:- (ब)
62. विंडोज 7 में नए ग्लास-लाइक इफ्फेक्ट का नाम है जो डायलोग बॉक्स में सेमी ट्रांसपेरेंट इफ्फेक्ट को प्रदर्शित कर सकता है?
(अ) ए ई आर ओ (ब) ओ आर ए ई (स) ट्रांसपेरेंसी (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:- (अ)
63. निम्नलिखित में से कोनसी एक कंप्यूटर भाषा नहीं है ?

(अ) विंडोज 98 (ब) पास्कल (PASCAL) (स) FORTRAN (द) C++
उत्तर:- (अ)
64. निम्नलिखित उदाहारणों में से किस एक के अतिरिक्त सभीकंप्यूटर इनपुट इकाई है?

(अ) स्कैनर (ब) स्पीकर (स) बार कोड रीडर (द) कीबोर्ड
उत्तर:- (ब)
65. ...........एक ऑपरेटिंग सिस्टम का नाम है?

(अ) कई सारे उपयोगी कमांड को आसानी से संपादित करना
(ब) कंप्यूटर के मोलिक स्तर को कण्ट्रोल करना
(स) एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफ़ेस द्वारा सेवा के लिए अनुरोध करना
(द) इनमे से कोई नहीं
उत्तर:- (ब)
66. ........../विंडोज इंटरफ़ेस ............ पर आधारित है?

(अ) ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (ब) एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफ़ेस (स) क्लिपबोर्ड (द) इनमे से कोई नहीं
उत्तर:- (अ)
67. निम्नलिखित में से कोन-सा एक यूटिलिटी प्रोग्राम का उदाहरण नहीं हैं?

(अ) वायरस स्कैनर (ब) नोटपैड (स) डिस्क क्लीनअप (द) एम एस एक्सेल
उत्तर:- (द)
68. नोटपैड का उपयोग करके तैयार किया गया डॉक्यूमेंट ......... एक्सटेंशन के साथ स्टोर होता है?

(अ) “txt.” (ब) “.cocx” (स) “.png” (द) “.jpg”
उत्तर:- (अ)


69. “LAN” प्रयुक्त होता है?

(अ) लम्बेक्षेत्र के नेटवर्क के लिए (ब) बड़े क्षेत्र के नेटवर्क के लिए
(स) स्थानीय क्षेत्र के नेटवर्क के लिए (द) कम क्षेत्र के नेटवर्क के लिए
उत्तर:- (स)
70. विंडोज ऐरो क्या है?

(अ) विंडोज एक्स.पी के लिए ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस है.
(ब) विंडोज 7 के लिए ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस है.
(स) एप्लीकेशन प्रोग्राम है.
(द) इनमे से कोई नहीं
उत्तर:- (ब)
71. कंप्यूटर का सबसे मूलभुत कौनसा प्रोग्राम है?

(अ) ऑपरेटिंग सिस्टम (ब) सॉफ्टवेयर प्रोग्राम (स) एप्लीकेशन प्रोग्राम (द) इनमे से कोई नहीं
उत्तर:- (अ)
72. ...............आपके कंप्यूटर को विभिन्न प्रकार के अवांछित सॉफ्टवेयर से सुरक्षा करने में मदद करता है?

(अ) विंडोज फायरवाल (ब) विंडोज डिफेंडर (स) स्पाईवेयर (द) इनमे से कोई नहीं
उत्तर:- (अ)
73. ...........एक बेसिक टेक्स्ट एडिटिंग प्रोग्राम है और सामान्य रूप से इसका उपयोग टेक्स्ट फाइल देखने और एडिट करने के लिए होता है?

(अ) कैलकुलेटर (ब) नोटपैड (स) एड्रेस बुक (द) पेंट
उत्तर:- (ब)
74. माइक्रो प्रोसेसर के मुख्य भाग है?

(अ) कन्ट्रोल यूनिट (ब) अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (स) अ और ब दोनों (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:- (स)
75. कंप्यूटर का नियंत्रण भाग कौन-सा है?

(अ) प्रिंटर (ब) कीबोर्ड (स) सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (द) बी.डी.यू यूनिट
उत्तर:- (स)
76. विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के स्क्रीन सेवर क्या है?

(अ) विभिन्न प्रकार के अवांछित सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर की सुरक्षा में मदद करता है.
(ब) एक प्रोग्राम है जो कंप्यूटर पर इमे, एनीमेशन या कुछ समय तक कोई इनपुट न मिलने पर ब्लैक स्क्रीन दिखाता है.
(स) एक लम्बा वर्टिकल बार होता है जो डेस्कटॉप को एक और प्रदर्शित होता है.
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:- (ब)
77. प्रत्येक ............अद्रश्य चापनुमा खंड में विभक्त होता है.........कहलाता है-

(अ) सेक्टर, ट्रैक (ब) ट्रैक सेक्टर (स) रिंग, ट्रैक (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:- (ब)
78. ब्लू रे डिस्क की धारक क्षमता के विस्तार की सीमा..........है?

(अ) 650MB-1GB (ब) 2GB-7GB (स) 25GB-50GB (द) 1TB-2TB
उत्तर:- (स)
79. निम्नलिखित में से कौन-सी कंप्यूटर की भाषा नहीं है?

(अ) बेसिक (ब) जावा (स) सुमात्रा (द) फोरट्रान
उत्तर:- (स)
80. कंप्यूटर की किस मेमोरी को रेम से अक्सर प्रयोग की जाने वाली सुचना को संग्रह करने में प्रयोग किया जाता है?

(अ) कैश मेमोरी (ब) मुख्य मेमोरी (स) रजिस्टर(द) रोम
उत्तर:- (अ)



81. ‘कोबोल’ क्या है?
(अ) कोयले की राख (ब) कंप्यूटर भाषा (स) नई तोप (द) विशेष गेंद
उत्तर:- (ब)
82. कंप्यूटर में उपयोग में आने वाली आई.सी.चिप्स किससे बनी होती है?
(अ) सिलकोन (ब) तांबा (स) स्टील (द) प्लास्टिक
उत्तर:- (अ)
83. विंडोज में.........एक पावर-सेविंग की अवस्था है?
(अ) लॉग ऑफ (ब) स्लिप (स) रीस्टार्ट (द) लॉक
उत्तर:- (ब)
84. स्क्रीन पर..........एक आयताकार भाग है जिस पर सुचना और अन्य प्रोग्राम प्रदर्शित किए जाते है? (अ) आइकॉन (ब) डेस्कटॉप (स) विंडो (द) पैनल
उत्तर:- (स)
85. यूजर के बारे में सुचना संग्रहित करने वाली फाइलें..........कहलाती है?
(अ) वेब फाइल (ब) कूकीज (स) वेब साईट (द) टेम्पलेट
उत्तर:- (ब)
86. निम्नलिखित कथनों में से असत्य कथन है?
(अ) सी.आर.टी मॉनिटर सबसे अधिक पतला मॉनिटर होता है 
(ब) डॉट मेट्रिक्स सर्वाधिक गति वाला कंप्यूटर है
(स) कैश मेमोरी मुख्य मेमोरी से धीमी है
(द) बार कोड रीडर एक इनपुट उपकरण है
(अ) अ और ब (ब) अ,ब और स (स) स और द (द) अ और द
उत्तर:- (ब)
87. फाइल के नाम के दो भाग होते है?
(अ) फोल्डर नेम (ब) एक्सटेंशन (स) फाइल नेम (द) ब और स दोनों 
उत्तर:- (द)
88. इसका उपयोग करके हम टेक्स्ट में मूव कर सकते है?
(अ) सी.पी.यू (ब) माउस (स) प्रिंटर (द) मॉनिटर
उत्तर:- (ब)
89. ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य है?
(अ) पेरीफेरियल डिवाइस तक पहुचं को कण्ट्रोल करना?
(ब) मेमोरी का प्रबंधन करना
(स) इनमे से कोई नहीं
(द) मोलिक स्तर पर कंप्यूटर को कंट्रोल करना
उत्तर:- (द)
90. निम्नलिखित में से कौन एक फाइल कम्प्रेशन प्रोग्राम है?
(अ) विनजिप (ब) विंडोज (स) राडी (द) डॉस
उत्तर:- (अ)
91. वह युक्ति जिसके द्वारा आंकड़ो को टेलीफोन के माध्यम से बायनरी सिग्नलों की सहायता से भेजा जाता है, कहलाता है?
(अ) मॉडेम (ब) मॉनिटर (स) माउस (द) ओ.सी.आर
उत्तर:- (अ)
92. ऑपरेटिंग प्रणाली जब एक साथ एक से अधिक अनुप्रयोग पर कार्य करता है तो वह योग्यता.........कहलाती है?
(अ) बूटिंग (ब) थ्रैडिंग (स) मल्टी ग्रेडिंग (द) मल्टी टास्किंग
उत्तर:- (द)
93. निम्नलिखित मेमोरी में से किसकी प्रकृति विघटित प्रकार की है?
(अ) रेम (ब) पी रेम (स) रोम (द) जी रोम
उत्तर:- (अ)
94. ............डेटा आवश्यकताओं का अनुमान करते हुए हार्ड डिस्क की निष्पादन में सुधार करता है? (अ) डिस्क केचिंग (ब) डिस्क डीफ्रेग्मेंट (स) डिस्क राईटिंग (द) इनमें से कुछ भी नहीं
उत्तर:- (ब)
95. ..........मेन्यु का उपयोग डॉक्यूमेंट की विषय सामग्री के आकर्षण को बढ़ाने के लिए करते है?
(अ) इंजर्ट (ब) एडिट (स) फॉर्मेट (द) फाइल
उत्तर:- (स)
96. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द कंप्यूटर से संबधित नहीं है?
(अ) पेंटीयम (ब) बैटरी (स) अल्गोरिथम (द) माउस
उत्तर:- (स)
97. ...............उपकरण, जनता के समझने के जैसे कंप्यूटरों द्वारा संसाधन करने लायक रूपों में परिवर्तन करते है?
(अ) इनपुट (ब) आउटपुट (स) अ व ब दोनों (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:- (स)
98. किसी फीचर को ऑन या ऑफ करने वाले कैप लॉक के जैसे की-बोर्ड की कुंजीया को..............कहा जाता है?
(अ) फंक्शन कीज (ब) कॉम्बीनेशन कीज (स) टांगल कीज (द) विशेष प्रायोजन कीज
उत्तर:- (स) 
99. शॉर्टकट तैयार करने के लिए फंक्शन कीज के अलावा किन कुंजियों का प्रयोग किया जाता है?
(अ) टांगल कीज (ब) स्पेशल कीज (स) कॉम्बीनेशन कीज (द) न्यूमेरिक कीज
उत्तर:- (स)
100. निम्नलिखित उपकरणों में से कोनसा उपकरण तेजी से कंप्यूटर गेम्स को खेलने में प्रयोग किया जाता है?
(अ) जॉयस्टिक (ब) टच सर्फश (स) टच स्क्रीन (द) ट्रैक बाल
उत्तर:- (अ)